जियो प्लेटफ़ॉर्म्स 21 अक्टूबर को भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ खोलेगी
रिलायंस की जियो प्लेटफ़ॉर्म्स 1,065-1,119 रुपये प्रति शेयर के दाम पर 30,213 करोड़ रुपये, करीब 3.2 अरब डॉलर, तक जुटाना चाहती है। बोली 21-23 अक्टूबर तक, लिस्टिंग 28 अक्टूबर को अपेक्षित।
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की डिजिटल और टेलीकॉम सहायक कंपनी जियो प्लेटफ़ॉर्म्स 21 अक्टूबर 2026 को अपना आईपीओ खोलेगी। 30,213 करोड़ रुपये, करीब 3.2 अरब डॉलर तक के आकार के साथ यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बनने जा रहा है, जो अक्टूबर 2024 में हुंडई मोटर इंडिया के जुटाए 27,860 करोड़ रुपये से आगे होगा।
मूल्य दायरा 1,065 से 1,119 रुपये प्रति शेयर है। एंकर निवेशक 19 अक्टूबर को बोली लगाएँगे, आम निवेशकों के लिए निर्गम 21 से 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा और शेयरों के 28 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध होने की उम्मीद है। द संडे गार्डियन के अनुसार निर्गम में अधिकतम 27 करोड़ नए शेयर हैं, यानी पैसा मौजूदा शेयरधारकों के बजाय कंपनी को जाएगा। कर्मचारियों और रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के शेयरधारकों के लिए हिस्से आरक्षित हैं।
दायरे की ऊपरी सीमा पर कंपनी का मूल्य करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये, यानी लगभग 108 अरब डॉलर होगा, और यह रिलायंस इंडस्ट्रीज़, भारती एयरटेल और एचडीएफ़सी बैंक के बाद बाज़ार मूल्य के हिसाब से भारत की चौथी सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनी बन जाएगी। मेटा और गूगल इसके निवेशकों में हैं।
ऑनमनोरमा द्वारा उद्धृत विश्लेषक बाज़ार संकेतकों के आधार पर लिस्टिंग पर 15% से 20% तक लाभ की संभावना देखते हैं, लेकिन याद दिलाते हैं कि लंबी अवधि का रिटर्न इस पर निर्भर करेगा कि जियो अपने विशाल उपयोगकर्ता आधार से कितनी कमाई कर पाती है।
यह क्यों मायने रखता है: 2026 के सबसे अहम आईपीओ अब सिर्फ़ अमेरिकी नहीं हैं। इस आकार का निर्गम दिखाता है कि भारतीय बाज़ार एक बार में कितनी विदेशी और घरेलू पूँजी सोख सकता है।